Shop

Sale!

Zucchini_तोरी_500gm

Rs.10.00 Rs.5.00

zucchini_500gm

Out of stock

Add to Wishlist
Add to Wishlist

Description

Zucchini_तोरी..

Health benefits of zucchini…

आप सभी तोरई (Turai) से अच्छी तरह  परिचित होंगे। इसकी सब्जी भी जरूर खाएं होंगे। जो लोग हरी सब्जियां खाना पसंद करते हैं वे तोरई का सेवन बहुत अधिक मात्रा में करते हैं। आमतौर पर लोग तोरई का उपयोग केवल सब्जी  के रूप में ही करते हैं और यह नहीं जानते हैं कि तोरई का प्रयोग एक औषधि के रूप में भी किया जाता है।

आयुर्वेद में यह बताया गया है कि तोरई  पचने में आसान होती है, पेट के लिए थोड़ी गरम होती है। कफ और पित्त को शांत करने वाली, वात को बढ़ाने वाली होती है। वीर्य को बढ़ाती है, घाव को ठीक करती है, पेट को साफ करती है, भूख बढ़ाती है और हृदय के लिए अच्छी (ridge gourd benefits)होती है। इतना ही नहीं यह कुष्ठ, पीलिया, तिल्ली (प्लीहा) रोग, सूजन, गैस, कृमि, गोनोरिया, सिर के रोग, घाव, पेट के रोग, बवासीर में भी उपयोगी होती है। कृत्रिम विष, दमा, सूखी खाँसी, बुखार को ठीक करती

सिर के रोग में फायदेमंद=

तोरई  के पत्तों के रस से गेहूँ के आटे को गूँथ कर उसकी बाटियाँ बनाकर उन्हें चूर लें। उसमें घी और शक्कर मिलाकर लड्डू की तरह बना लें। इसे खाने से अनन्त वात नामक सिर के रोग में लाभ होता है। कच्ची कड़वी ridge gourdको पीसकर कनपटी पर लगाने से भी सिर के दर्द से आराम  मिलता है। सिर दर्द में तुरई के फायदे बहुत आराम पहुँचाते हैं।

आँखों के रोग में फायदा=

कड़वी तोरई के बीजों को मीठे तोरई तेल में घिसकर आंखों में काजल की भांति लगाने से काला मोतियाबिंद ठीक होता है। तोरई के पत्तों को पीसकर उसका रस निकाल लें।  इसे 1-2 बूंद आँखों में लगाने से आँखों के विभिन्न रोगों में लाभ होता है।

तोरई के सेवन से गंडमाला (ग्वायटर) का इलाज//

टांसिल के सूजन में तोरई का उपयोग फायदेमंद//

कब्ज में तोरई का उपयोग लाभदायक//

तोरई के इस्तेमाल से बवासीर का इलाज//

तोरई के उपयोग से पीलिया का उपचार//

तोरई तेल की मालिश करने से कुष्ठ रोगों में लाभ होता है। तोरई के फल से बीज एवं गूदा निकालकर उसमें जल भरकर रात भर रख दें। सुबह 10-15 मिली की मात्रा में इस जल को पीने से कुष्ठ रोग में फायदा होता है। सर्षप, करंज, कोशातकी, इंगुदी तथा खदिर चूर्ण को मिलाकर लेप बनाकर लगाने से भी कुष्ठ रोग में लाभ होता है।

 

अनचाहे बाल को हटाने में तोरई का प्रयोग लाभदायक

गुप्त स्थानों से बालों को हटा कर वहां तोरई (turai) की बीज के तेल को लगाने से बाल दोबारा नहीं आते हैं।

 

त्वचा रोग में तोरई से लाभ

तोरई के बीजों (zucchini in hindi)को पीसकर लगाने से त्वचा रोगों में लाभ होता है। तोरई पञ्चाङ्ग को पीसकर लेप करने से त्वचा की जलन, खुजली आदि विकार ठीक होते हैं।

 

हृदय को स्वस्थ बनाने में तोरई फायदेमंद 

एक रिसर्च के अनुसार नेनुआ में पाए जाने वाले फ्लेवनॉइड्स और टैनिन हृदय रोगों के लक्षणों को दूर करने में मदद करता है।

 

कैंसर के लक्षणों से लड़ने में फायदेमंद तोरई 

एक रिसर्च के अनुसार नेनुआ में पाए जाने वाले फ्लेवनॉइड्स और टैनिन कैंसर रोग के लक्षणों को दूर करने में मदद करता है। इसके एंटी कैंसर गुण के कारण यह इस रोग में फायदेमंद होता है।

 

आँखों को स्वस्थ रखने में लाभकारी तोरई 

एक रिसर्च के अनुसार तुरई में बीटा कैरोटीन तत्त्व पाए जाने के कारण यह आँखों के लिए अच्छा होता है।

कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण करने में लाभकारी तोरई

कोलेस्ट्रॉल जैसी परेशानी पाचन तंत्र के खराब होने के कारण होती है और शरीर में आम एकत्रित होना शुरू हो जाता है। तुरई में पाए जाने वाले दीपन-पाचन गुण इस आम को पचाने में मदद करते है साथ ही इसमें मौजूद भेदन गुण मल को आसानी से बाहर निकालने में मदद करता है जिससे इस अवस्था में राहत मिलती है।

 

 अस्थमा के इलाज में फायदेमंद तोरई 

अस्थमा एक ऐसा रोग है जिसमें वात और कफ दोष के असंतुलित होने के कारण श्वसन नली में बलगम के रूप में अवरोध उत्पन्न होता है। तुरई के उष्ण गुण के कारण यह इस बलगम को पिघला कर बाहर निकाल कर आराम दिलाता है।  

 

हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में लाभकारी तोरई

एक रिसर्च के अनुसार तुरई में सोडियम की मात्रा कम होने के कारण यह हाई ब्लड प्रेशर को भी कम या नियंत्रित करने में मदद करता है।

स्वास्थ्य को उत्तम बनाता है तोरई 

तोरई (turai), आँवला तथा वच चूर्ण को बराबर मात्रा में लेकर मिला लें। इसे 1-2 ग्राम की मात्रा में ले, उसमें घी तथा मधु मिलाकर सेवन करने से बुद्धि, स्मृति आदि रसायन गुणों की वृद्धि होती है।

 

कीड़े-मकौड़ों के विष को उतारने के लिए करें तोरई का प्रयोग

  • यदि चूहा काट ले तो 10-20 मि.ली. तोरई के काढ़े में दो ग्राम देवदाली फल चूर्ण तथा दही मिलाकर पिएं। इससे उलटी के रास्ते विष बाहर निकल जाता है
  • बराबर मात्रा में कूठ, वच, मदनफल तथा तोरई फल के चूर्ण को मिला लें। इस 2-4 ग्राम चूर्ण को गोमूत्र के साथ पीने से अथवा 10-20 मिली तोरई फल काढ़े को पीने से सभी प्रकार के चूहे के विष का असर खत्म हो जाता है।
  • तोरई (ribbed gourd) के तने को पीसकर काटे हुए स्थान पर लगाने से दर्द, जलन और सूजन आदि जहरीला प्रभाव नष्ट होते हैं।
  • तोरई के फल के रस को काटे गए स्थान पर लगाने से कई प्रकार के विषैले जानवरों के विष का प्रभाव नष्ट हो जाता है।

 

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Zucchini_तोरी_500gm”

Your email address will not be published. Required fields are marked *